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Bijnor Piles Centre
Proctology · Bijnor, UP
Piles HI

गर्भावस्था में बवासीर: सुरक्षित उपचार विकल्प

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Dr. Parmod Kumar
24 April 2026 · 5 min read

गर्भावस्था में बवासीर: सुरक्षित उपचार विकल्प

गर्भावस्था एक खूबसूरत अनुभव है, लेकिन इस दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं — और उनमें से एक है बवासीर (Piles)। यह समस्या गर्भवती महिलाओं में बेहद आम है, और सही जानकारी के साथ इसे सुरक्षित रूप से प्रबंधित किया जा सकता है।

बवासीर क्या है?

बवासीर (Hemorrhoids) मलाशय (rectum) या गुदा (anus) के आसपास की नसों में सूजन को कहते हैं। जब ये नसें फूल जाती हैं तो दर्द, जलन, खुजली और कभी-कभी खून आने लगता है। गर्भावस्था के दौरान यह समस्या इसलिए अधिक होती है क्योंकि गर्भाशय का बढ़ता आकार श्रोणि (pelvic) क्षेत्र की नसों पर दबाव डालता है।

गर्भावस्था में बवासीर क्यों होती है?

गर्भावस्था में बवासीर होने के कई कारण होते हैं:

  • बढ़ता गर्भाशय: गर्भाशय बड़ा होने से मलाशय की नसों पर दबाव पड़ता है जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है।
  • कब्ज: गर्भावस्था के हार्मोन प्रोजेस्टेरोन आंतों की गतिविधि धीमी कर देते हैं, जिससे कब्ज होती है और मल त्याग के समय ज़ोर लगाना पड़ता है।
  • रक्त मात्रा में वृद्धि: शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ने से नसें अधिक फैल जाती हैं।
  • हार्मोनल बदलाव: प्रोजेस्टेरोन नसों की दीवारों को मुलायम बना देता है, जिससे उनमें सूजन आसानी से हो जाती है।
  • प्रसव के दौरान जोर लगाना: डिलीवरी के वक्त अत्यधिक दबाव से बवासीर और बढ़ सकती है।

लक्षण — कब चिंता करें?

  1. मल त्याग के समय밝은 लाल रंग का खून आना
  2. गुदा के आसपास सूजन या गांठ महसूस होना
  3. गुदा क्षेत्र में तेज़ दर्द, जलन या खुजली
  4. बैठने पर असुविधा महसूस होना
  5. मल त्याग के बाद अधूरापन महसूस होना
  6. बाहर निकला हुआ मांस जो वापस अंदर न जाए

ध्यान दें: गर्भावस्था में किसी भी प्रकार का रक्तस्राव तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। स्वयं निदान न करें।

बिजनौर पाइल्स सेंटर में उपलब्ध सुरक्षित उपचार

Bijnor Piles Centre में डॉ. परमोद कुमार गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल करते हैं। गर्भावस्था के दौरान उपचार का चुनाव बहुत सोच-समझकर किया जाता है ताकि माँ और शिशु दोनों सुरक्षित रहें।

1. रूढ़िवादी (Conservative) उपचार — पहली प्राथमिकता

गर्भावस्था में सर्जरी से बचने की पूरी कोशिश की जाती है। इसके बजाय:

  • सिट्ज़ बाथ: गुनगुने पानी में 10–15 मिनट बैठने से दर्द और सूजन में तत्काल राहत मिलती है। इसके बारे में विस्तार से जानें हमारे सिट्ज़ बाथ गाइड में।
  • फाइबर युक्त आहार: कब्ज को दूर रखना सबसे ज़रूरी है।
  • पर्याप्त पानी: दिन में कम से कम 8–10 गिलास पानी पिएं।
  • डॉक्टर द्वारा अनुमोदित क्रीम/सपोज़िटरी: कुछ सुरक्षित स्थानीय दवाएं दर्द और सूजन कम करती हैं।

2. क्षार कर्म (Kshar Karma) — न्यूनतम आक्रामक विकल्प

क्षार कर्म एक आयुर्वेदिक प्रक्रिया है जिसमें विशेष औषधीय लेप (क्षार) को बवासीर पर लगाया जाता है। यह:

  • पूरी तरह से प्राकृतिक और हर्बल है
  • बिना चीरे के किया जाता है
  • गर्भावस्था में, डॉक्टर के विवेक के आधार पर, सुरक्षित हो सकता है
  • त्वरित राहत देता है

3. रबर बैंड लिगेशन

यह प्रक्रिया आमतौर पर प्रसव के बाद की जाती है जब बवासीर गंभीर हो। इसमें बवासीर की गांठ पर रबर बैंड लगाया जाता है जिससे वह सूखकर गिर जाती है।

4. प्रसव के बाद उपचार

यदि गर्भावस्था में बवासीर बहुत गंभीर नहीं है, तो डिलीवरी के बाद क्षार सूत्र या अन्य उन्नत उपचार से स्थायी समाधान किया जा सकता है।

आहार और जीवनशैली संबंधी सुझाव

खाएं ✅ परहेज करें ❌
हरी सब्ज़ियाँ (पालक, मेथी, ब्रोकोली) मैदा और प्रोसेस्ड फूड
फल (पपीता, अमरूद, नाशपाती) तला-भुना और मसालेदार खाना
साबुत अनाज (ओट्स, दलिया, गेहूं की रोटी) कैफीन (चाय/कॉफी अधिक मात्रा में)
दही और छाछ पैकेज्ड जूस और कोल्ड ड्रिंक
भरपूर पानी (8–10 गिलास) बहुत देर तक बैठे या खड़े रहना
अंजीर और किशमिश लाल मांस और जंक फूड

जीवनशैली टिप्स:

  • हर 1–2 घंटे में थोड़ा टहलें — बहुत देर तक न बैठें और न खड़ी रहें।
  • मल त्याग के समय ज़ोर न लगाएं; प्रकृति को अपना काम करने दें।
  • शौचालय में फोन देखते हुए ज़्यादा समय न बिताएं।
  • बाईं करवट लेकर सोएं — इससे मलाशय की नसों पर दबाव कम होता है।
  • गर्भावस्था में मंजूर हल्के योग और चलना फायदेमंद है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गर्भावस्था में बवासीर की दवा लेना सुरक्षित है?

डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न लें। कई सामान्य दवाएं गर्भावस्था में सुरक्षित नहीं होतीं। बिजनौर पाइल्स सेंटर में हम गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित और प्राकृतिक उपचार विकल्प देते हैं।

क्या डिलीवरी के बाद बवासीर अपने आप ठीक हो जाती है?

हल्की बवासीर अक्सर डिलीवरी के बाद कुछ हफ्तों में ठीक हो जाती है, खासकर यदि आप सही आहार और जीवनशैली अपनाएं। लेकिन गंभीर मामलों में डॉक्टर से उपचार ज़रूरी है।

क्या नॉर्मल डिलीवरी से बवासीर और बढ़ सकती है?

हाँ, प्रसव के दौरान जोर लगाने से बवासीर बढ़ सकती है। लेकिन सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह से इसे प्रबंधित किया जा सकता है। सी-सेक्शन भी इस समस्या से पूरी तरह नहीं बचाता क्योंकि गर्भावस्था के दौरान दबाव पहले ही पड़ चुका होता है।

क्या क्षार कर्म गर्भावस्था में किया जा सकता है?

यह डॉक्टर की जांच और गर्भावस्था की स्थिति पर निर्भर करता है। पहली तिमाही में आमतौर पर कोई भी प्रक्रिया से बचा जाता है। डॉ. परमोद कुमार प्रत्येक मरीज़ की स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत सुझाव देते हैं।

निष्कर्ष

गर्भावस्था में बवासीर एक आम लेकिन प्रबंधनीय समस्या है। सही आहार, जीवनशैली और समय पर चिकित्सीय सहायता से आप इस कठिन दौर को आराम से पार कर सकती हैं। अपनी और अपने शिशु की सुरक्षा के लिए हमेशा किसी अनुभवी प्रोक्टोलॉजिस्ट से परामर्श लें — बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी घरेलू उपाय न अपनाएं।


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